मंदिर में दो साधु सेवादारों की हत्या, जमीन विवाद में वारदात की आशंका

मंदिर परिसर में मिले शव, एक आरोपी हिरासत में, मंदिर की जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : October 1, 2026 2:08 am
मंदिर में दो साधु सेवादारों की हत्या, जमीन विवाद में वारदात की आशंका
Total Views : 120
Total Views : 120

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में मंदिर परिसर में दो साधु सेवादारों की हत्या से सनसनी फैल गई। दोनों साधुओं के शव मंदिर परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। मृतकों की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रुप में हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरु कर दी।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दोनों साधु मंदिर में सेवादार के रुप में रह रहे थे। आरोप है कि गांव के ही सुमित सिंह ने दोनों के साथ मारपीट की और बाद में उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी सुमित सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद की बात सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद के चलते दोनों साधुओं को निशाना बनाया गया। पुलिस के अनुसार हिरासत में लिया गया सुमित सिंह करीब दो महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। उसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है, जिनमें एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामले भी बताए जा रहे हैं। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है।

घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही मंदिर की जमीन से जुड़े विवाद और पुराने मामलों की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या के पीछे जमीन विवाद ही मुख्य वजह होने की आशंका जताई जा रही है।

About The Author

Share
LATEST post
PET-2026: जौनपुर में 87,696 अभ्यर्थियों की अग्निपरीक्षा, 32 केंद्रों पर कड़ा पहरा! 25-30 अक्टूबर व 1 नवंबर को होगी परीक्षा, दोनों पालियों में अभ्यर्थियों को देना होगा इम्तिहान
चुनाव में गड़बड़ी हुई तो अदालत नहीं रहेगी मूकदर्शक! सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से सियासी हलचल: शीर्ष अदालत ने कहा- असंवैधानिक तरीकों से चुनाव प्रक्रिया दूषित होने पर न्यायिक हस्तक्षेप से परहेज नहीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed