बड़गाईं जमीन मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप तय, 30 नवंबर से ट्रायल

8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रांची की विशेष PMLA अदालत का फैसला, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए मुख

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : September 30, 2026 10:07 pm
बड़गाईं जमीन मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप तय, 30 नवंबर से ट्रायल
Total Views : 100
Total Views : 100

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रांची की विशेष PMLA अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। अदालत की इस कार्रवाई के साथ ही मामले में ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है। सोरेन अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए और उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत तथा निराधार बताया।

अदालत ने मुख्यमंत्री को उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पढ़कर सुनाए। इसके बाद आरोप गठित किए गए। मामले में हेमंत सोरेन 17वें आरोपी हैं। इससे पहले 16 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। अब अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य पेश किए जाएंगे। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को निर्धारित की गई है।हेमंत सोरेन ने विशेष PMLA अदालत की कार्यवाही को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से आरोप गठन की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई थी। उनका पक्ष है कि जब तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक निचली अदालत में आरोप गठन की कार्रवाई आगे नहीं बढ़नी चाहिए। हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक हाईकोर्ट ने ED से जवाब दाखिल करने को कहा है और निचली अदालत की कार्यवाही पर फिलहाल रोक नहीं लगाई गई है।

यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल में करीब 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से संबंधित है। ED की जांच में जमीन के रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कथित हेरफेर तथा फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप सामने आए हैं। मामले में तत्कालीन राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं। अब हेमंत सोरेन के खिलाफ भी आरोप तय होने के बाद मामले की सुनवाई साक्ष्य और गवाहों के चरण में आगे बढ़ेगी।

About The Author

Share
LATEST post
PET-2026: जौनपुर में 87,696 अभ्यर्थियों की अग्निपरीक्षा, 32 केंद्रों पर कड़ा पहरा! 25-30 अक्टूबर व 1 नवंबर को होगी परीक्षा, दोनों पालियों में अभ्यर्थियों को देना होगा इम्तिहान
चुनाव में गड़बड़ी हुई तो अदालत नहीं रहेगी मूकदर्शक! सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से सियासी हलचल: शीर्ष अदालत ने कहा- असंवैधानिक तरीकों से चुनाव प्रक्रिया दूषित होने पर न्यायिक हस्तक्षेप से परहेज नहीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed