कई शेल कंपनियां बनाकर हवाला और अन्य माध्यमों से भारतीय मुद्रा को विदेश भेजने में कथित रुप से सहयोग करने वाले गिरोह के एक सदस्य को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के मुताबिक पकड़े गए आरोपी की पहचान गणपत लाल राजपुरोहित निवासी थाना मूडामलानी जिला बालोतरा, राजस्थान के रुप में हुई। आरोपी को दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में भारतीय और विदेशी मुद्रा के साथ विदेश यात्रा एवं कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त के पास से 8 लाख 20 हजार रुपये भारतीय मुद्रा बरामद हुई। इसके अलावा 100 अमेरिकी डॉलर और 36 चीनी युआन भी मिले। बरामदगी में अन्य विदेशी मुद्रा से संबंधित सामग्री भी शामिल बताई गई है। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से वीजा एप्लीकेशन फॉर्म, चीन के वीजा के लिए इन्वीटेशन फॉर्म और पासपोर्ट बरामद किया गया। इसके अलावा केके ट्रेडर्स फर्म के जीएसटी रजिस्ट्रेशन से संबंधित प्रपत्र भी एसटीएफ के हाथ लगे हैं।

एसटीएफ की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर ऐसी कई शेल कंपनियों के नेटवर्क से जुड़ा था, जिनके माध्यम से हवाला समेत अन्य तरीकों से भारतीय मुद्रा को विदेश भेजने में सहयोग किया जाता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हैं और किन कंपनियों का इस्तेमाल कथित वित्तीय लेनदेन के लिए किया गया।गणपत लाल राजपुरोहित की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ बरामद दस्तावेजों, विदेशी मुद्रा और कारोबारी फर्मों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित नेटवर्क के जरिए कितनी रकम विदेश भेजी गई और इसमें अन्य व्यक्तियों अथवा कंपनियों की क्या भूमिका रही।एसटीएफ की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है।
