बिहार के औरंगाबाद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन की केंद्र प्रशासक एवं परियोजना प्रबंधक कांति कुमारी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। उक्त कार्रवाई सितंबर को जिला समाहरणालय परिसर स्थित उनके कार्यालय में की गई।

कार्रवाई की खास बात यह रही कि रिश्वत लेने वाली महिला, शिकायत करने वाली महिला और गिरफ्तारी की कार्रवाई में शामिल निगरानी टीम की महिला अधिकारी, तीनों ही महिलाएं थीं। कार्रवाई निगरानी पुलिस उपाधीक्षक ऋषिता स्नेह के नेतृत्व में की गई। मामला टंडवा थाना क्षेत्र के सिकरिया मनियार गांव निवासी पूनम देवी से जुड़ा है। निगरानी विभाग के अनुसार, जमीन से जुड़े विवाद में एक पक्ष की ओर से वन स्टॉप सेंटर में शिकायत दी गई थी। आरोप है कि मामले की जांच रिपोर्ट शिकायतकर्ता पूनम देवी के पक्ष में तैयार करने के एवज में केंद्र प्रशासक कांति कुमारी ने रिश्वत की मांग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक कथित तौर पर 15 हजार रुपये मांगे गए थे। रिश्वत की मांग से परेशान पूनम देवी ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड दर्ज कर कार्रवाई के लिए धावादल गठित किया गया।
निगरानी टीम की योजना के तहत पूनम देवी को 10 हजार रुपये लेकर कांति कुमारी के कार्यालय पहुंचने को कहा गया। जैसे ही कथित तौर पर रकम दी गई, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए कांति कुमारी को पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।कार्रवाई के बाद कांति कुमारी को निगरानी टीम अपने साथ ले गई।

समाहरणालय परिसर में निगरानी की कार्रवाई की खबर फैलते ही कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का माहौल बन गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई निगरानी विभाग की ओर से की जा रही है।
