उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर आगामी 16 अक्टूबर को होने वाले चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में उम्मीदवार चयन की कवायद तेज हो गई है। पार्टी के भीतर संभावित नामों और सामाजिक-क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर मंथन का दौर चल रहा है। माना जा रहा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को भी महत्व दिया जा सकता है।

चुनाव आयोग ने यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान निर्धारित किया है। इनमें नौ सीटें मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने के कारण रिक्त होंगी, जबकि एक सीट डॉ. दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद पहले से खाली है। डॉ. दिनेश शर्मा को 5 सितंबर को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति सचिवालय ने उनकी नियुक्ति की पुष्टि की थी।अब उनकी रिक्त हुई सीट के लिए भाजपा में नए चेहरे को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मीडिया रिपोर्टों में हरीश द्विवेदी का नाम भी संभावित दावेदारों में सामने आया है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

राज्यसभा का कार्यकाल पूरा करने वाले भाजपा सदस्यों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा भी शामिल हैं। ऐसे में दोनों को दोबारा राज्यसभा भेजे जाने अथवा नए चेहरों को मौका दिए जाने को लेकर भी अटकलें हैं।चर्चाओं के मुताबिक यदि बीएल वर्मा को दोबारा टिकट नहीं मिलता है तो उनकी जगह राजवीर सिंह राजू का नाम भी संभावित दावेदारों में बताया जा रहा है। भाजपा के जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें गीता शाक्य और सीमा द्विवेदी के नाम भी शामिल हैं। दोनों सीटों पर पार्टी नए चेहरों को मौका देती है या मौजूदा सांसदों को दोहराती है, इस पर भी निगाहें टिकी हैं। रिपोर्टों में सीमा द्विवेदी के साथ हरीश द्विवेदी, श्रीकांत शर्मा और अर्चना मिश्रा जैसे नामों की चर्चा सामने आई है। पूर्वांचल में सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए जय प्रकाश निषाद के नाम की चर्चा बताई जा रही है। वहीं ओबीसी वर्ग से प्रकाश पाल के नाम को लेकर भी अटकलें हैं।

दलित प्रतिनिधित्व के लिहाज से विद्यासागर सोनकर का नाम संभावित दावेदारों में बताया जा रहा है। इसके अलावा महिला प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए रेखा वर्मा का नाम भी चर्चा में है। राज्यसभा चुनाव की संभावित सूची में पूर्व सांसद वरुण गांधी का नाम भी एक बार फिर चर्चा में आया है। हालिया मीडिया रिपोर्टों में उन्हें संभावित दावेदारों में शामिल किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में भाजपा और उसके सहयोगियों के करीब आठ सीटें जीतने की संभावना का आकलन किया गया है। हालांकि अंतिम परिणाम उम्मीदवारों, गठबंधन सहयोगियों, प्रथम वरीयता के वोट और चुनाव के दौरान सामने आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेंगे। राज्यसभा चुनाव में भाजपा के सामने मुख्य चुनौती केवल रिक्त सीटों को भरने की नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व का संतुलन साधने की भी होगी। यही वजह है कि पुराने चेहरों की वापसी के साथ नए नामों पर भी पार्टी के भीतर गंभीरता से विचार किए जाने की चर्चा है।
