राजधानी लखनऊ में जर्जर और संभावित रुप से असुरक्षित भवनों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सोमवार को वजीरगंज क्षेत्र में जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरु की गई। इसी क्रम में लाल मस्जिद के पास स्थित एएस अपार्टमेंट को खाली कराने की कार्रवाई की जा रही है।प्रशासन की ओर से यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। जर्जर भवन में रहने वाले लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है, ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और जेसीपी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का फोकस फिलहाल भवन को पूरी तरह खाली कराने और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। इसके बाद तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जर्जर हिस्से को गिराने की कार्रवाई की जाएगी।बताया जा रहा है कि संबंधित भवन काफी समय से जर्जर स्थिति में था। ऐसे में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। अधिकारियों की मौजूदगी में भवन को खाली कराया जा रहा है।

लखनऊ में अवैध और असुरक्षित निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा पहले भी प्रशासन के सामने रहा है। जून 2026 में सामने आई एक रिपोर्ट में लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा बड़ी संख्या में अवैध अपार्टमेंटों और भवनों के खिलाफ कार्रवाई तथा ध्वस्तीकरण आदेशों का उल्लेख किया गया था।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राजधानी के विभिन्न इलाकों में जर्जर भवनों की स्थिति की समीक्षा किए जाने की संभावना है। प्रशासन ऐसे भवनों को चिन्हित कर सकता है, जिनसे आम लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। वजीरगंज की कार्रवाई को इसी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच और चिन्हांकन के बाद अन्य जर्जर भवनों पर भी कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। एएस अपार्टमेंट को खाली कराने के बाद भवन को गिराने की कार्रवाई की जाएगी। मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है।
