मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित वीडियो ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। वायरल वीडियो में रवि गौतम, जिन्हें रिपोर्टों में युवा शक्ति दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया गया है, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ आपत्तिजनक और हिंसक धमकी देते हुए दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक वीडियो में रवि गौतम ने कहा कि यदि उन्हें किसी हत्या के लिए माफी मिले तो वह सबसे पहले ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाना चाहेंगे। उन्होंने निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर चुनाव प्रक्रिया में कथित पक्षपात तथा मतदाताओं के अधिकार प्रभावित करने जैसे कई गंभीर आरोप भी लगाए। इन आरोपों की पुष्टि समाचार एक्सप्रेस लाइव नहीं करता।

वीडियो में रवि गौतम ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए अपने संवैधानिक पद का कथित दुरुपयोग किया। उन्होंने अलग-अलग चुनावों में मतदाताओं के वोट काटे जाने, EVM और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं के अधिकार, युवाओं के रोजगार और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर भी कई आरोप लगाए। हालांकि, ये रवि गौतम के दावे हैं, जिन्हें वीडियो में उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। वायरल वीडियो सामने आने के बाद नोएडा पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो कब और कहां बनाया गया, इसकी सत्यता क्या है और इसे सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार रवि गौतम इससे पहले भी मेरठ में पुलिस कार्रवाई और एक छात्रा की मौत से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के दौरान चर्चा में रहे हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना और भूख हड़ताल भी की थी। अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर सामने आए कथित धमकी वाले वीडियो के बाद उनका नाम फिर चर्चा में है। फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि वीडियो वायरल है और पुलिस उसकी सत्यता तथा पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। इसलिए वीडियो में कही गई बातों को स्थापित तथ्य के बजाय रवि गौतम के कथित बयान के रूप में देखना उचित होगा। पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि वीडियो वास्तविक है, कब रिकॉर्ड किया गया और उसके आधार पर क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।
