शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद गोरखपुर शहर में जगह-जगह जलभराव को लेकर अब सियासी घमासान भी शुरु हो गया है। जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर भाजपा सांसद रवि किशन और भाजपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर हुई कथित बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दोनों के बीच बातचीत में सपा और बसपा को लेकर राजनीतिक तंज भी सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। फिलहाल समाचार एक्सप्रेस लाइव वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।

बताया जा रहा है कि बेतियाहाता वार्ड के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने शहर में जलभराव और जलनिकासी से जुड़ी समस्या को लेकर सांसद रवि किशन से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान तरकुलानी और पाम पैराडाइज क्षेत्र की जलनिकासी समेत अन्य समस्याओं का मुद्दा उठाया गया। वायरल वीडियो में रवि किशन पार्षद से भोजपुरी अंदाज में यह पूछते सुनाई देते हैं कि ‘सपा ज्वाइन कर लिहला का?’ इसके बाद बातचीत का माहौल गरमा गया। पार्षद ने पलटवार करते हुए सांसद से ‘आप बसपा ज्वाइन कर लिए का?’ सवाल किया।बातचीत के दौरान रवि किशन ने पार्षद को ‘ब्राह्मण देवता’ कहकर भी संबोधित किया और जलभराव की स्थिति को लेकर अपनी तरफ से सफाई दी। सांसद ने कहा कि वह खुद सड़कों पर हैं और जलनिकासी के इंतजामों का जायजा ले रहे हैं।

इसके बाद पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह जलभराव वाले इलाके में खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने जलनिकासी की स्थिति को लेकर सवाल उठाते हुए जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर भी बात की। इस वीडियो में उन्होंने दावा किया कि वह काफी देर से मौके पर मौजूद हैं और लोगों की परेशानी देख रहे हैं। गोरखपुर में हुई अत्यधिक बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक शनिवार शाम करीब 4:30 बजे से पौने सात बजे तक 164 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि एक घंटे में 115 मिलीमीटर बारिश का आंकड़ा सामने आया। कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया तथा सड़कों पर भी जलभराव की स्थिति बनी रही। भारी जलभराव के बाद नगर निगम और प्रशासन की टीमें सक्रिय हुईं। पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता से चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं जलभराव वाले इलाकों में पुलिस और यातायात कर्मियों की भी तैनाती की गई।

सांसद रवि किशन भी रात जलभराव वाले इलाकों के निरीक्षण के लिए निकले। इस दौरान अधिकारियों के साथ उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। फोन पर हुई कथित बातचीत का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी नेताओं ने भी इसे लेकर भाजपा पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की ओर से जनप्रतिनिधियों के बीच हुई इस बातचीत को लेकर सवाल उठाए गए। वहीं दूसरी ओर, भाजपा की ओर से जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक प्रयासों पर जोर दिया गया। फिलहाल इस पूरे मामले में जलभराव की समस्या से ज्यादा जनप्रतिनिधियों के बीच हुई कथित नोकझोंक चर्चा का विषय बनी हुई है। वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
