बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (Deep Depression) का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर दिखाई देने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। दोनों दिनों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक 24 से 27 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर सक्रिय रहेगा। 24 सितंबर को भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी है, जबकि 25-26 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 सितंबर को भी पूर्वी यूपी में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रह सकता है। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के पूर्वांचली जिलों में बारिश का असर अधिक देखने को मिल सकता है। IMD के वाराणसी पूर्वानुमान में 25 सितंबर को भारी बारिश, गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे तक की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दी गई है। प्रयागराज में भी 25 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश तथा 26 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर रहने की संभावना है। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली और अमेठी सहित आसपास के क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
IMD के अनुसार पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव उत्तर आंध्र प्रदेश दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ा है। इसके प्रभाव से मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से गरज, चमक और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से खुले स्थानों पर रहने और पेड़ों या कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना सुरक्षित रहेगा।
