सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद ध्वस्तीकरण और उस पर लगाए गए 6 करोड़ 41 लाख रुपये के जुर्माने से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही मस्जिद कमेटी से जुर्माने की वसूली पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी गई है।

मस्जिद प्रबंधन समिति की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती देते हुए ध्वस्तीकरण समेत आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। कमेटी की ओर से आरोप लगाया गया है कि जिला प्रशासन ने कथित तौर पर उचित कानूनी प्रक्रिया और नोटिस का पालन किए बिना मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। याचिका में पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों का भी हवाला दिया गया है।नगर मजिस्ट्रेट, सहारनपुर द्वारा पारित आदेश के तहत मस्जिद कमेटी पर 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हाईकोर्ट ने इस जुर्माने की वसूली पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
मामला सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद से संबंधित है, जिसे प्रशासन द्वारा जुलाई 2026 में ध्वस्त किए जाने के बाद विवाद बढ़ा और मामला हाईकोर्ट पहुंचा। मस्जिद कमेटी ने प्रशासनिक कार्रवाई की वैधता को चुनौती दी है।हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। उस समय तक राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करना होगा। फिलहाल अदालत के अंतरिम आदेश के चलते 6.41 करोड़ रुपये के जुर्माने की वसूली पर रोक रहेगी।
