नगीना से सांसद एवं भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर गंभीर आरोप लगाने वाली डॉ. रोहिणी घावरी करीब छह साल बाद स्विट्जरलैंड से भारत लौट आई हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने चंद्रशेखर आजाद को लेकर एक बार फिर तीखा बयान दिया।

रोहिणी घावरी ने कहा कि वह डरकर घर में बैठने वाली नहीं हैं। वह देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर लोगों से मुलाकात करेंगी और सामाजिक मुद्दों को लेकर बैठकें करेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी से सुरक्षा की भीख नहीं मांगनी है और वह बिना डरे लोगों के बीच जाएंगी।रोहिणी ने कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए चंद्रशेखर आजाद और भीम आर्मी को जिम्मेदार माना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद ने उनके साथ अन्याय किया और उनके सम्मान की लड़ाई नहीं लड़ी। रोहिणी ने सवाल उठाया कि क्या वह समाज की बेटी नहीं हैं।
रोहिणी घावरी का आरोप है कि चंद्रशेखर आजाद ने अपनी वैवाहिक स्थिति उनसे छिपाई और शादी का भरोसा देकर उनके साथ शारीरिक शोषण किया। उनका कहना है कि चंद्रशेखर के नगीना से सांसद बनने के बाद दोनों के बीच दूरी बढ़ गई। हालांकि, ये सभी आरोप रोहिणी घावरी की ओर से लगाए गए हैं। दूसरी ओर, चंद्रशेखर आजाद की ओर से मामले में अलग पक्ष सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके समर्थकों की ओर से रोहिणी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात भी सामने आई है।
रिपोर्टों के अनुसार, इंदौर की रहने वाली रोहिणी घावरी मध्य प्रदेश सरकार की फेलोशिप के तहत उच्च शिक्षा के लिए स्विट्जरलैंड गई थीं। वहीं उन्होंने पीएचडी पूरी की और ‘जनपॉवर’ नाम से एनजीओ भी बनाया। इसी दौरान उनकी मुलाकात चंद्रशेखर आजाद से हुई थी। भारत लौटने के बाद रोहिणी ने कहा कि वह देश में रहकर लोगों से जुड़ना चाहती हैं और शिक्षा, सशक्तिकरण तथा समानता जैसे मुद्दों पर काम करेंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली, गुरुग्राम, मेरठ, लखनऊ और इंदौर समेत कई स्थानों पर जाने का कार्यक्रम बनाया है। बताया जा रहा है कि 13 सितंबर को मेरठ तथा 14-15 सितंबर को लखनऊ में उनके कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। रोहिणी ने यह भी कहा कि चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह कानूनी रास्ते का सहारा लेंगी और अदालत की अगली तारीख का इंतजार कर रही हैं।
