स्कूल की बदहाली दिखाना पत्रकार को पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने एफआईआर पर लगाई रोक

हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: कमियां उजागर करने वाले पत्रकार पर कार्रवाई ‘

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : September 10, 2026 2:03 am
स्कूल की बदहाली दिखाना पत्रकार को पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने एफआईआर पर लगाई रोक
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सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं को अपनी रिपोर्ट के जरिए उजागर करने वाले पत्रकार अमित यादव को दर्ज एफआईआर के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने एफआईआर के आधार पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित माना।

न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने अमित यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग को व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने संबंधित विद्यालय की वर्तमान स्थिति और परिसर की तस्वीरें भी पेश करने को कहा है। याचिका के मुताबिक, पत्रकार अमित यादव रिपोर्टिंग के सिलसिले में गोसाईंगंज क्षेत्र स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बेगरियामऊ पहुंचे थे। वहां उन्होंने विद्यालय के खराब शौचालय और विद्यार्थियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने की बात सामने रखी। उन्होंने कुछ शिक्षकों के साक्षात्कार भी लिए और स्कूल की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार की।

इसके बाद अमित यादव के खिलाफ गोसाईंगंज थाने में बीएनएस की धारा 223, 353 और 356 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि रिपोर्टिंग के महज चार दिन बाद, 24 अगस्त को पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।मामले की परिस्थितियों पर गौर करते हुए हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताया। अदालत ने कमियों को उजागर करने वाले पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई को ‘किलिंग द मैसेंजर’ जैसा बताया।हाईकोर्ट ने फिलहाल एफआईआर के आधार पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए शिक्षा विभाग से विद्यालय की मौजूदा स्थिति और उससे संबंधित तस्वीरें मांगी हैं। मामले में अब अदालत के अगले रुख पर नजर रहेगी।

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