स्पाइसजेट की मुंबई से गोरखपुर जा रही फ्लाइट में यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। विमान में बोर्डिंग के बाद एसी खराब हो जाने से नाराज यात्रियों ने एयरपोर्ट के टरमैक पर ही बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया। इस दौरान विमान में सवार बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को करीब दो घंटे तक उमस और गर्मी के बीच परेशान होना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, स्पाइसजेट की फ्लाइट संख्या SG 553 मुंबई से गोरखपुर के लिए रवाना होने वाली थी। यात्रियों की बोर्डिंग पूरी हो चुकी थी, लेकिन विमान का एसी ठीक से काम नहीं कर रहा था। विमान के भीतर उमस बढ़ने के कारण यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती गई। यात्रियों ने एयरलाइन कर्मचारियों से समस्या दूर करने और उड़ान के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। बताया जा रहा है कि विमान में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने के लिए टीम को बुलाया गया, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी समस्या दूर नहीं हो सकी। करीब दो घंटे तक इंतजार कराने के बाद आखिरकार उड़ान रद्द करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान यात्रियों में नाराजगी बढ़ती चली गई।

फ्लाइट में अभिनेत्री विजयलक्ष्मी भी यात्रा कर रही थीं। उन्होंने भी यात्रियों की परेशानी के बीच विरोध जताया। घटना से संबंधित उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वहीं एयरलाइन की ओर से बताया गया कि गोरखपुर के डिफेंस एयरपोर्ट पर रात नौ बजे के बाद विमान की लैंडिंग की अनुमति नहीं थी। तकनीकी समस्या के कारण निर्धारित समय पर उड़ान संभव नहीं हो सकी और इसी वजह से फ्लाइट रद्द करनी पड़ी।हालांकि, उड़ान रद्द होने के बाद यात्रियों की नाराजगी और बढ़ गई। कुछ यात्रियों ने टर्मिनल पर वापस लौटने से इनकार करते हुए टरमैक पर ही बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया। यात्रियों का कहना था कि उन्हें लंबे समय तक विमान के अंदर परेशानी झेलनी पड़ी और समय रहते कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई।

घटना ने विमानन कंपनियों की यात्री सुविधाओं और एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। टरमैक जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में यात्रियों के विरोध प्रदर्शन की स्थिति बनने से सुरक्षा प्रबंधन पर भी चर्चा शुरु हो गई है।यात्रियों का सवाल है कि बोर्डिंग के बाद विमान में एसी खराब होने जैसी स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा का ध्यान क्यों नहीं रखा गया। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को लंबे समय तक असुविधा का सामना करना पड़ा।फिलहाल इस घटना के बाद स्पाइसजेट की सेवाओं और यात्रियों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
