उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में मृत व्यक्ति के नाम आय प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। तहसील मिश्रिख क्षेत्र में मौत के करीब दो साल बाद एक व्यक्ति के नाम 60 हजार रुपये सालाना आय का प्रमाण पत्र जारी होने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में बिना स्थलीय सत्यापन के आख्या प्रस्तुत करने का मामला सामने आने पर संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल सुधीर कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

मामला तहसील मिश्रिख के ग्राम शंकरपुर, मजरा रामगढ़ निवासी कन्हाई पुत्र दुन्नत से जुड़ा है। कन्हाई की मृत्यु वर्ष 2024 में हो गई थी। इसके बावजूद 28 सितंबर 2026 को उनके नाम 60 हजार रुपये वार्षिक आय का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। 19 अक्टूबर को इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद मामला चर्चा में आया और तहसील प्रशासन ने जांच शुरु कराई।

उपजिलाधिकारी मिश्रिख की ओर से कराई गई जांच में बिना स्थलीय सत्यापन किए आख्या प्रस्तुत करने की बात सामने आई। इसे शासकीय दायित्वों के प्रति लापरवाही, शिथिलता और स्वेच्छाचारिता मानते हुए लेखपाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच के लिए नायब तहसीलदार मिश्रिख अजय कुमार को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें 15 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया, सत्यापन में हुई चूक और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी का परीक्षण किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।


मृत व्यक्ति के नाम आय प्रमाण पत्र जारी होने से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। मामला सरकारी प्रमाण पत्रों के सत्यापन में लापरवाही की गंभीरता को उजागर करता है। अब विभागीय जांच से स्पष्ट होगा कि चूक किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
