विश्व बालिका दिवस के अवसर पर रविवार को उड़ान फाउंडेशन एवं नट समुदाय संघर्ष समिति के कार्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें 20 से अधिक किशोरियों ने भाग लेकर बालिका शिक्षा, सुरक्षा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान किशोरियों को शिक्षा के महत्व, व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल विवाह के दुष्परिणाम तथा गुड टच-बैड टच के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी असहज परिस्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति से मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में किशोरियों ने अपने भविष्य के सपनों को भी साझा किया। किसी ने शिक्षक, किसी ने पुलिस अधिकारी तो किसी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई। उनकी आकांक्षाओं ने यह संदेश दिया कि अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर बेटियां अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

इस अवसर पर संयोजक प्रेम नट ने किशोरियों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटी बोझ नहीं, बल्कि भविष्य है। समाज में बेटियों को पराया धन समझने की सोच को बदलने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षित करने से केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा समुदाय आगे बढ़ता है। उन्होंने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और किशोरियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान शिक्षा और सुरक्षा को बालिकाओं के बेहतर भविष्य की आधारशिला बताया गया। कार्यक्रम ने किशोरियों को अपने सपनों के प्रति संकल्पित रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आने का संदेश दिया।
