सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर के अपने आदेश के कथित अनुपालन न होने के मामले में दिल्ली सरकार व दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार, अदालत ने दोनों पक्षों से मंगलवार तक जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई रविवार को विशेष पीठ के समक्ष हुई, जिसमें अदालत के पूर्व आदेश के अनुपालन को लेकर दाखिल अवमानना याचिकाओं पर विचार किया गया।

सुनवाई के दौरान अदालत ने शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने, बैरिकेडिंग की समीक्षा करने तथा अवैध हिरासत से बचने से जुड़े निर्देशों पर जोर दिया। इसके अलावा इंटरनेट सेवा बंद किए जाने, मेट्रो और रेल सेवाओं के संचालन तथा सुप्रीम कोर्ट के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू रहने के मुद्दे भी उठे।सरकारी वकील की ओर से अदालत को आश्वस्त किया गया कि वकीलों और पत्रकारों को उनके पेशेवर कार्यों से नहीं रोका जाएगा। सरकारी पक्ष ने सुनवाई मंगलवार के बजाय बुधवार को कराने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने मंगलवार को ही सुनवाई किए जाने की बात कही।

प्राप्त विवरण के मुताबिक, 9 अक्टूबर के आदेश के बाद भी दिल्ली में 40 से अधिक मेट्रो स्टेशन बंद रखे जाने, दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को रद्द किए जाने और 3,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इन्हीं घटनाक्रमों को लेकर अदालत में कई अवमानना याचिकाएं दाखिल किए जाने की बात सामने आई है। अब मंगलवार को होने वाली सुनवाई में दिल्ली सरकार और पुलिस के जवाब तथा अदालत के अगले निर्देशों पर निगाहें रहेंगी। मामले में मेट्रो और रेल सेवाओं की स्थिति, हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में उठाए गए सवालों और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
