सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी गंगाराम गौतम ने रात्रिकालीन आकस्मिक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, लेबर रूम और सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय आकस्मिक चिकित्सक डॉ. हरिओम मौर्य सहित फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय, स्वीपर एवं आकस्मिक सेवाओं में तैनात सभी कर्मचारी उपस्थित मिले।

सीएचसी अधीक्षक डॉ. रफीक फारूकी ने सीएमओ को अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराया और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक डॉ. रफीक फारूकी ने अस्पताल की प्रयोगशाला में जगह की कमी की समस्या को उठाया। उन्होंने बताया कि मौजूदा व्यवस्था में मरीजों को अलग-अलग स्थानों पर जाकर जांच करानी पड़ती है। इससे विशेष रुप से गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक भागदौड़ तथा असुविधा का सामना करना पड़ता है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए डॉ. फारूकी ने सुझाव दिया कि वर्तमान में उपयोग में नहीं आ रहे कोविड वार्ड का इस्तेमाल प्रयोगशाला से संबंधित सुविधाओं को विकसित करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस वार्ड में पर्याप्त जगह उपलब्ध है। यदि यहां आवश्यक जांच सुविधाओं को एकीकृत रुप से विकसित किया जाए, तो मरीजों को एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार की जांच कराने की सुविधा मिल सकेगी।

इससे न केवल मरीजों की भागदौड़ कम होगी, बल्कि गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भी जांच के लिए इधर-उधर जाने से राहत मिल सकती है।अधीक्षक डॉ. रफीक फारूकी ने लैब की समस्या और कोविड वार्ड में जांच सुविधाएं विकसित करने के प्रस्ताव से सीएमओ को अवगत कराया। इस पर सीएमओ गंगाराम गौतम ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब अस्पताल में जांच सुविधाओं के विस्तार को लेकर आगे की कार्रवाई पर मरीजों और स्थानीय लोगों की निगाहें टिकी हैं।
