दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क मरम्मत, बिजली व्यवस्था, साफ-सफाई, यातायात, सुरक्षा और दुर्गा पूजा पंडालों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को त्योहारों से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पैचिंग का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों और प्रमुख मार्गों पर आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जल निगम (शहरी) के अधिशासी अभियंता को खुले सीवर और मैनहोल के ढक्कनों को तत्काल बंद कराने तथा विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को जर्जर बिजली के तारों और खंभों को बदलने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

नगर पालिका परिषद जौनपुर के अधिशासी अधिकारी को नगर क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम करने को कहा गया। प्रमुख मार्गों, पूजा पंडालों और विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।इसके अलावा विसर्जन मार्गों और स्थलों की तैयारियां पहले से पूरी करने तथा त्योहारों के दौरान मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने को कहा गया। पानी की टंकी से इंग्लिश क्लब और हाईडिल तक सड़क पर जमा अवैध मिट्टी, बालू एवं अन्य सामग्री को हटाने का निर्देश भी नगर पालिका को दिया गया। बैठक में जिला शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन को अवगत कराया कि कुछ अराजक तत्व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से भ्रामक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों की निगरानी करने और वीडियो की तथ्यात्मक जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद में कहीं भी खुदाई का कार्य शुरु करने से पहले नगर मजिस्ट्रेट से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आम जनता को होने वाली असुविधाओं को दूर करने पर जोर दिया।बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने सड़क, बिजली, कूड़ा उठान, सुरक्षा, यातायात समेत विभिन्न जनसमस्याओं को उठाया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पंडाल में प्रवेश और निकास की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। सड़क को अवरुद्ध करके अथवा हाईटेंशन बिजली के तारों के नीचे किसी भी परिस्थिति में पंडाल स्थापित नहीं किए जाएं। उन्होंने सभी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने, पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती करने और उन्हें पहचान पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक पंडाल में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र रखने तथा विद्युत सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने को कहा।

भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारों को पारंपरिक तरीके से हर्षोल्लास के साथ मनाएं। उन्होंने आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, नगर मजिस्ट्रेट, विभिन्न विभागों के अधिकारी, दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी और जिला शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे।
