बसपा के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों पर आयकर विभाग की जांच के बाद 400 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित टैक्स देनदारी सामने आने की रिपोर्ट है। विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने फरवरी 2026 में हुई छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन, कथित कर अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट अंतिम आकलन के लिए आयकर मुख्यालय, नई दिल्ली भेजे जाने की तैयारी है।

फरवरी में आयकर विभाग ने उमाशंकर सिंह से जुड़े लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज और कौशांबी समेत 30 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये नकद मिलने तथा संपत्तियों, खनन गतिविधियों और विभिन्न वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, जांच में सड़क निर्माण, खनन कारोबार, संपत्तियों और अन्य वित्तीय गतिविधियों से जुड़े लेन-देन की भी जांच की गई। हालांकि 400 करोड़ रुपये की राशि अभी अंतिम टैक्स देनदारी नहीं है। आयकर मुख्यालय में उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर अंतिम आकलन किया जाएगा। संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश ने 400 करोड़ रुपये के आयकर संबंधी दावे को खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है। ऐसे में मामले में अंतिम कर निर्धारण और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण रहेगा।
