अमेठी बाड़ा गल्ला मंडी की दुकानों और उससे जुड़ी भूमि के विवाद को लेकर व्यापारियों और किरायेदारों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इसके बाद जिलाधिकारी को संबोधित मांगपत्र अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को सौंपा गया।

व्यापारियों का आरोप है कि अमेठी बाड़ा गल्ला मंडी की नजूल संपत्ति से जुड़े न्यायिक मामले में नगर पालिका परिषद की ओर से प्रभावी पैरवी नहीं की गई। उनका कहना है कि नोटिस के बावजूद पर्याप्त कार्रवाई न होने के कारण 17 मार्च 2026 को एकपक्षीय आदेश हुआ। व्यापारियों ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है।व्यापारी मनीष साहू समेत प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि गल्ला मंडी की जमीन लंबे समय से नगर पालिका से जुड़े पट्टे पर रही है। उन्होंने नगरपालिका अध्यक्ष और उनके परिजनों पर जमीन से संबंधित मामले में कथित रुप से साजिश करने तथा संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के आरोप लगाए। व्यापारियों ने यह भी दावा किया कि करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर आठ मंजिला इमारत बनाने की तैयारी है। उन्होंने संबंधित भूमि के अभिलेख सुरक्षित रखने तथा पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।

ज्ञापन में व्यापारियों ने नगर पालिका की न्यायालयीय पैरवी, नजूल एवं नगर पालिका संपत्ति से जुड़े अभिलेखों, पट्टा दस्तावेजों, किराया रजिस्टर, न्यायालयीय पत्रावली और राजस्व अभिलेखों का सत्यापन कराने की मांग रखी। साथ ही नगर पालिका के अधिवक्ता की भूमिका की भी जांच की मांग की गई। व्यापारियों ने कहा कि मंडी से लंबे समय से कई परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले पूरे मामले की जांच जरूरी है। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनकी दुकानें खाली नहीं होंगी और वह स्वयं मामले की निगरानी कर रहे हैं।प्रदर्शन में गुरूमीत सिंह, ऋषि अग्रहरि, हरप्रीत सिंह, नीतू देवी अग्रहरि, जय किशन जायसवाल, सचिन जायसवाल, संतोष अग्रवाल, राम दुलारे, शम्भू और दिलीप कुमार अग्रहरि समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।
