तहसील में अधिवक्ताओं और लेखपाल कर्मियों के बीच विवाद अब आंदोलन का रुप लेता दिखाई दे रहा है। तहसील अधिवक्ता समिति ने गुरुवार को बैठक कर लेखपाल कर्मियों के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया। समिति ने आरोप लगाया कि आय, जाति, निवास, ईडब्ल्यूएस सहित विभिन्न प्रमाणपत्रों से संबंधित मामलों में लेखपालों द्वारा रिपोर्ट नहीं लगाई जा रही है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष लालचन्द गौतम की अध्यक्षता में हुई बैठक का संचालन महामंत्री राजीव कुमार सिंह बबलू ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई। आरोप लगाया गया कि कागजात और रिपोर्ट से संबंधित कार्यों को लेकर कर्मचारियों द्वारा अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि गुरुवार से लेखपाल कर्मियों द्वारा कार्य सुचारु रूप से किए जाने तक अधिवक्ता धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। समिति ने स्पष्ट किया कि समस्या का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

अधिवक्ताओं के इस निर्णय के बाद तहसील में कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बनी है। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारी अधिवक्ताओं की शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं और लेखपाल कर्मियों के स्तर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। बैठक में उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार यादव, सहमंत्री जय प्रकाश यादव, कोषाध्यक्ष कल्याण यादव, ऑडिटर प्रदीप कुमार श्रीवास्तव के अलावा कार्यकारिणी सदस्य अर्जुन सिंह, महेन्द्र कुमार यादव, मो. ताहिर, वीरेन्द्र यादव, विजय कुमार यादव, राकेश कुमार, अजय कुमार सिंह, अंकित सिंह समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
