कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में मंगलवार की रात CISF कैंप में हुई फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। सेवा-II हाइडल प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात एक CISF हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर अपने साथियों पर गोली चला दी। घटना में असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार CISF जवानों की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी जवान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और एक हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर अपने सर्विस हथियार से साथियों पर फायरिंग कर दी। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी। फायरिंग में गंभीर रुप से घायल चार CISF कर्मियों को तत्काल नजदीकी NHPC अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह तथा कांस्टेबल रफीक अहमद और संदीप कुमार के रुप में हुई।

फायरिंग करने के आरोपी हेड कांस्टेबल की पहचान अवधेश कुमार के रुप में हुई है। वह 2009 बैच का बताया जा रहा है। घटना के बाद उसे काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए CISF मुख्यालय ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। CISF महानिदेशक पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस और CISF की टीमें घटना के कारणों तथा घटनाक्रम की कड़ियों की जांच कर रही हैं।

कुछ अधिकारियों के हवाले से सामने आई प्रारंभिक जानकारी में जवानों के बीच बहस के बाद फायरिंग की बात कही गई है, लेकिन विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और फायरिंग की परिस्थितियां क्या थीं, इसकी आधिकारिक जांच अभी जारी है। सेवा हाइडल प्रोजेक्ट कठुआ के बसोहली क्षेत्र के माश्का इलाके में हिमाचल प्रदेश की सीमा के निकट स्थित है। यहां CISF कर्मियों की तैनाती परियोजना की सुरक्षा के लिए की गई थी। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं CISF अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर की जांच शुरु की।
