बिजली कनेक्शन के स्थायी विच्छेद के नाम पर कथित रुप से आठ हजार रुपये रिश्वत लेते विद्युत विभाग के कार्यकारी सहायक को भ्रष्टाचार निवारण संगठन मीरजापुर मंडल की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी को भदोही कोतवाली ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जानकारी के अनुसार प्रशांत कुमार सोनी अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम, भदोही के कार्यालय में कार्यकारी सहायक के पद पर तैनात था। बताया गया कि वह करीब पांच वर्षों से इसी कार्यालय में कार्यरत था। आरोपी मूल रुप से बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र का निवासी बताया गया है।भदोही नगर निवासी विकास कुमार गुप्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत कर बिजली कनेक्शन के स्थायी विच्छेद से संबंधित कार्य के लिए प्रशांत कुमार सोनी द्वारा उससे आठ हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन मीरजापुर मंडल की टीम ने मामले की जांच की। टीम के अनुसार जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद टीम ने रिश्वतखोरी पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बताया गया कि दोपहर करीब एक बजे जैसे ही प्रशांत कुमार सोनी ने शिकायतकर्ता से आठ हजार रुपये लिए, पहले से मौजूद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को भदोही कोतवाली पहुंचाया।

निरीक्षक अशोक कुमार सिंह के अनुसार, मामले में शिकायत 23 सितंबर को प्राप्त हुई थी। जांच के बाद कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता का बिजली बिल माफ है और उसके बिजली कनेक्शन को स्थायी रुप से विच्छेद करने के लिए आरोपी द्वारा कथित तौर पर रिश्वत की मांग की जा रही थी। विद्युत विभाग के कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी की रिश्वत लेते गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।कार्रवाई करने वाली टीम में निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, पति राम यादव, भीमशंकर मिश्रा, मुख्य आरक्षी भूपेंद्र सिंह यादव, विशाल उपाध्याय, सुबीर कुमार, ओमकार यादव, कौशल राय, आरक्षी सूरज कुमार गुप्ता, पियुष कुमार सिंह, सर्वेश तिवारी, प्रशांत सिंह, आलोक मिश्रा और नंदलाल शामिल रहे।
