उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के भीतर बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सैफई परिवार की अगली पीढ़ी की दो महिलाओं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव और शिवपाल सिंह यादव की बहू राजलक्ष्मी सिंह यादव को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, दोनों को लेकर अभी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सबसे बड़ा और पुष्ट बदलाव लोहिया ट्रस्ट में हुआ है। सितंबर में हुई बैठक में अखिलेश यादव को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाए जाने पर सभी आठ सदस्यों ने सहमति जताई। बैठक में शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे। वर्ष 2017 से ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे शिवपाल यादव की जगह अब अखिलेश यादव ने यह दायित्व संभाल लिया है।

इस बदलाव के बाद अखिलेश यादव के पास समाजवादी पार्टी के साथ जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट और लोहिया ट्रस्ट की भी जिम्मेदारी आ गई है। ट्रस्ट में अखिलेश और शिवपाल के अलावा आदित्य यादव समेत अन्य सदस्य भी शामिल हैं। लोहिया ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन के बाद मीडिया रिपोर्टों में यह संभावना सामने आई है कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को भविष्य में ट्रस्ट से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, अदिति को ट्रस्ट में सदस्य या पदाधिकारी बनाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। इसलिए इस खबर को फिलहाल राजनीतिक संभावना और चर्चा के रुप में ही देखा जाना चाहिए। इसी तरह शिवपाल सिंह यादव की बहू और बदायूं सांसद आदित्य यादव की पत्नी राजलक्ष्मी सिंह यादव के 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरने की चर्चा भी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों में उन्हें जसवंतनगर विधानसभा सीट से संभावित उम्मीदवार बनाए जाने की बात कही गई है।जसवंतनगर शिवपाल सिंह यादव की प्रमुख राजनीतिक सीट रही है। हालांकि, राजलक्ष्मी को यहां से सपा प्रत्याशी बनाए जाने की अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। शिवपाल यादव के किसी दूसरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा भी फिलहाल अटकलों तक सीमित है।

अखिलेश यादव का लोहिया ट्रस्ट का अध्यक्ष बनना आधिकारिक रुप से सामने आ चुका है। इसके विपरीत अदिति यादव को ट्रस्ट में जिम्मेदारी दिए जाने और राजलक्ष्मी सिंह यादव को जसवंतनगर से चुनाव लड़ाए जाने की बातें अभी मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित हैं। 2027 के चुनाव से पहले सपा में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ने के बीच सैफई परिवार की अगली पीढ़ी को लेकर उठ रही चर्चाओं ने जरुर राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि समाजवादी पार्टी आने वाले दिनों में अदिति यादव और राजलक्ष्मी सिंह यादव की भूमिका को लेकर कोई औपचारिक फैसला करती है या नहीं।
