श्री सरयू प्रसाद इंटर कॉलेज कठिराव का 61वां स्थापना दिवस शनिवार को धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ वाराणसी विकास प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य एवं हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी अम्बरीष सिंह ‘भोला’ ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के गौरवशाली इतिहास और ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार में उसके योगदान की सराहना की।

अम्बरीष सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक स्व. अमरनाथ दुबे द्वारा स्थापित यह विद्यालय आज ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। विद्यालय ने लंबे समय से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उनके व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को दिशा देने का कार्य किया है।समारोह के प्रथम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं। प्रसिद्ध गायक विवेक मिश्र ‘वरदान’ ने अपनी गीत प्रस्तुतियों से समारोह में चार चांद लगा दिए। इस दौरान विद्यालय के पुरातन छात्रों को सम्मानित कर उनके योगदान और उपलब्धियों को भी याद किया गया।

विद्यालय के प्रबंधक आदित्य नारायण दुबे ने कहा कि विषम परिस्थितियों के बीच कोलअसला के तत्कालीन विधायक स्व. अमरनाथ दुबे ने वर्ष 1965 में इस विद्यालय की स्थापना की थी। स्थापना के बाद से विद्यालय निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ता रहा है। उन्होंने कहा कि आज इस शिक्षण संस्थान से हजारों विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में अपना भविष्य संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था, जो आज भी निरंतर जारी है। विद्यालय के पूर्व छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाकर संस्थान का नाम रोशन किया है। समारोह के दूसरे दिन सुंदरकांड पाठ एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने लोगों से रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य गामा प्रसाद सोनकर ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि संचालन शिक्षक विपिन सिंह ने किया। इस अवसर पर पुरातन छात्र एवं मल्टीनेशनल कंपनी के चेयरमैन मनोज सिंह, बृजेश दुबे, अरुण मिश्रा ‘बबलू’, नंदलाल जायसवाल, संतलाल यादव, संतोष मिश्रा, अरुण बरनवाल, धर्मेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक, पुरातन छात्र एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
