श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित चोरी के बहुचर्चित मामले में अयोध्या पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। चार्जशीट में आठ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस ने तीनों को मामले में गवाह के तौर पर शामिल किया है।

पुलिस की विवेचना में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक खातों के लेनदेन और आरोपियों से हुई बरामदगी को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रुप में शामिल किया गया है। चार्जशीट के मुताबिक मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम हटाने की घटनाएं कई बार सीसीटीवी कैमरों में कैद हुईं। पुलिस की जांच के अनुसार 3 जून को गणना कर्मी मदन गोपाल निगम ने अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा को नोटों की गड्डियां छिपाते हुए देखा। अगले दिन 4 जून को गणना कर्मी संत प्रसाद वर्मा ने भी अविनाश शुक्ला को कथित रुप से चोरी करते देखा। इसके बाद मंदिर परिसर के गेट पर कर्मचारियों की सघन चेकिंग शुरु की गई। पुलिस के अनुसार इसी दौरान अविनाश शुक्ला ने चोरी की गई करीब 2.25 लाख रुपये की रकम बाथरुम में छिपा दी, जिसे तलाशी के दौरान बरामद किया गया।

चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की अलग-अलग भूमिका का उल्लेख किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को 85 बार चढ़ावे की रकम हटाते और चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखाए जाने का दावा किया गया है। इसी तरह करुणेश पांडेय दो बार रकम चोरी करते और 68 बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखाई देने का उल्लेख है। मनीष यादव के बारे में 16 बार रकम अपने पास रखने और 19 बार सहयोग करने की बात कही गई है। लवकुश मिश्रा एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा अनुकल्प मिश्रा के 56 बार अन्य आरोपियों की मदद करने का उल्लेख चार्जशीट में किया गया है। रमाशंकर मिश्रा के संबंध में एक बार रकम हटाने की बात सामने आई है। जांच में सीसीटीवी के अलावा मोबाइल चैट और CDR को भी साक्ष्य बनाया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के बीच चढ़ावे की रकम को लेकर बातचीत और लगातार संपर्क के साक्ष्य मिले हैं।

चार्जशीट का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया। पुलिस ने तीनों को गवाह के तौर पर शामिल किया है। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों का उल्लेख होने की रिपोर्ट है। इनमें ट्रस्ट से जुड़े लोगों के साथ पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मी और अन्य संबंधित व्यक्ति शामिल हैं। जांच के अनुसार 4 जून की रात चंपत राय को चोरी की सूचना और सीसीटीवी वीडियो भेजे गए थे। इसके बाद 5 जून को अयोध्या पहुंचने पर उन्होंने अनिल मिश्रा और गोपाल राव के साथ बैठक कर फुटेज देखने की बात चार्जशीट में दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।पुलिस की चार्जशीट के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त आरोपियों के बैंक खातों की जांच में करीब 98.30 लाख रुपये की रकम का उल्लेख किया गया है। मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने जून में SIT गठित की थी। बाद में 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े कृष्ण मोहन की तहरीर पर FIR दर्ज की गई। पुलिस ने उन्हें मामले का पहला गवाह बनाया है। इसके बाद जांच में सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल डाटा, बैंकिंग लेनदेन और अन्य दस्तावेजों को शामिल करते हुए आरोपियों की भूमिका का परीक्षण किया गया। अब आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर पुलिस ने विवेचना पूरी होने की जानकारी दी है।
