साइबर अपराधियों द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारी को कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने के मामले का सोनभद्र साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने शासन के अधिकारियों और जांच एजेंसियों का भय दिखाकर सेवानिवृत्त अधिकारी को अपने जाल में फंसाया और करीब 2.36 करोड़ रुपये की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा ली।
मामले में साइबर थाना पुलिस, स्वाट टीम और ओबरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी अरुण कुमार समेत दो महिलाओं प्रियंका और तेजल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार, 2.10 लाख रुपये नकद, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा हाईकोर्ट अधिवक्ता का कथित फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अधिकारी को अलग-अलग माध्यमों से संपर्क कर उन्हें शासन के अधिकारियों और जांच से संबंधित कार्रवाई का भय दिखाया। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लगातार निगरानी में रखा गया और मानसिक दबाव बनाकर बैंक खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई।

पीड़ित को यह विश्वास दिलाया गया कि उनके विरुद्ध किसी गंभीर मामले में कार्रवाई चल रही है और जांच से बचने के लिए निर्देशों का पालन करना जरुरी है। इसी दबाव के बीच ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेजे जाने की बात सामने आई। पुलिस की जांच में सामने आया कि पीड़ित से कुल करीब 2.36 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से 75 लाख रुपये फ्रीज कराने में सफलता हासिल की है। पुलिस अब रकम के लेन-देन और उससे जुड़े अन्य खातों की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार मामले के मुख्य आरोपी अरुण कुमार को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ कथित रुप से साइबर ठगी में शामिल दो महिलाओं प्रियंका और तेजल को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक कार, 2.10 लाख रुपये नकद और पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट अधिवक्ता का कथित फर्जी आईडी कार्ड भी पुलिस को मिला है। पुलिस इस पहचान पत्र के इस्तेमाल और इसके जरिए किसी अन्य व्यक्ति को ठगी के जाल में फंसाने की संभावनाओं की भी जांच कर रही है। मामले के खुलासे में साइबर थाना सोनभद्र, स्वाट टीम और ओबरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई बताई गई है। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेन-देन से जुड़े विवरणों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर ठगी के इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। ठगी में इस्तेमाल किए गए अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
