सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की तत्परता, त्वरित निर्णय और टीमवर्क के चलते अंबाला से बिहार जा रही एक प्रसूता और उसके नवजात की जान बचाने में सफलता मिली। गंभीर प्रसव स्थिति में महिला को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकीय टीम ने तत्काल आवश्यक उपचार शुरू कर प्रसूता और नवजात दोनों को सुरक्षित कर लिया।

जानकारी के अनुसार, एक दंपत्ति अंबाला से बिहार की ओर जा रहा था। महिला का सीजेरियन ऑपरेशन कराया जाना था, लेकिन रास्ते में अचानक उसे तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान प्रसव की जटिल स्थिति सामने आई। बताया गया कि बच्चा प्रसव मार्ग में फंस गया था। महिला का करीब दो वर्ष पूर्व सीजेरियन ऑपरेशन भी हो चुका था, जिसके कारण मामला और अधिक संवेदनशील था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम राम गौतम की सूचना पर अस्पताल प्रशासन तत्काल सक्रिय हुआ। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रफ़ीक़ फारूकी के नेतृत्व में महिला सर्जन डॉ. आकांक्षा, आकस्मिक चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश सहित चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने तत्काल आवश्यक चिकित्सा प्रबंधन शुरु किया। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयास से जटिल प्रसव को संभालते हुए प्रसूता और नवजात को सुरक्षित बचाने में सफलता मिली। उपचार के बाद दोनों की स्थिति सुरक्षित बताई गई। इस दौरान अस्पताल की टीम ने आपसी समन्वय के साथ कम समय में आवश्यक निर्णय लेकर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराईं। चिकित्सकों के अनुसार, पूर्व में सीजेरियन ऑपरेशन हो चुके होने के बाद अगली गर्भावस्था में प्रसव की विधि का निर्णय महिला की स्वास्थ्य स्थिति, पिछले ऑपरेशन, गर्भावस्था के अंतराल और अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाता है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है।

इस घटना में समय पर अस्पताल पहुंचना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी की सूचना के बाद अस्पताल प्रशासन की सक्रियता तथा चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयास को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रसूता और नवजात के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार जताया। क्षेत्रवासियों ने भी संकट की घड़ी में तत्परता दिखाने के लिए सीएमओ डॉ. गंगाराम राम गौतम, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रफ़ीक़ फारूकी, डॉ. आकांक्षा, डॉ. राकेश एवं पूरी चिकित्सकीय टीम के प्रयासों की सराहना की।
