नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को विकास खंड पिंडरा के 146 परीक्षा केंद्रों पर साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक परीक्षार्थियों ने अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा में हिस्सा लिया। साक्षर बनने की ललक का आलम यह रहा कि कोई धोती-कुर्ता पहनकर तो कोई घूंघट की ओट में परीक्षा देने पहुंचा। महिला परीक्षार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

परीक्षा में पढ़ने, लिखने और संख्या ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे गए। प्रश्नपत्र कुल 150 अंकों का था। परीक्षार्थियों को पढ़ने तथा संख्या आधारित प्रश्नों को हल करने में अपेक्षाकृत अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा। परीक्षा को व्यवस्थित एवं सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए थे। परीक्षा से एक दिन पूर्व सभी केंद्रों पर विकल्प आधारित प्रश्न-पुस्तिकाएं उपलब्ध करा दी गई थीं।
खण्ड शिक्षा अधिकारी अखिलेश यादव ने संविलियन विद्यालय रमईपट्टी सहित कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं बीएसए के निर्देश पर जिला समन्वयक प्रशिक्षण प्रमोद गुप्ता और ब्लॉक समन्वयक विशाल सेठ ने भी विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण किया। ब्लॉक गुणवत्ता समन्वयक विशाल सेठ ने बताया कि विकास खंड में कुल 935 निरक्षर महिला-पुरुष परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 846 ने परीक्षा दी। यह कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों का 90.48 प्रतिशत है। परीक्षा में शामिल 846 परीक्षार्थियों में 729 महिलाएं और 117 पुरुष रहे। उन्होंने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य निरक्षर वयस्कों को पढ़ने-लिखने और बुनियादी संख्या ज्ञान से जोड़कर उन्हें साक्षर बनाना है।
