20 राज्यों में 89 ठिकानों की तलाशी के बाद CBI का बड़ा एक्शन, डिजिटल अरेस्ट नेटवर्क में अबतक 8 गिरफ्तार

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : September 6, 2026 12:57 pm
20 राज्यों में 89 ठिकानों की तलाशी के बाद CBI का बड़ा एक्शन, डिजिटल अरेस्ट नेटवर्क में अबतक 8 गिरफ्तार
Total Views : 120
Total Views : 100

ऑपरेशन चक्र-VI के तहत डिजिटल अरेस्ट क्राइम पर देश भर में चल रही कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इससे पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इस तरह से कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है. इससे इन फ्रॉड के पीछे के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की दिशा में जांच एक अहम कदम और बढ़ गई है. CBI ने पहले डिजिटल अरेस्ट के पीछे के सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था, जिसमें तीन बड़े मामलों में देश भर के 20 राज्यों में 89 जगहों पर मिलकर तलाशी ली गई थी.

यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर की गई थी, जिसने इन क्राइम के खतरनाक स्तर को गंभीरता से लिया था और CBI को अपराधियों और ऐसे क्राइम को आसान बनाने वाले बड़े नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. जिन तीन मामलों में ये मिलकर तलाशी ली गई, उनमें से एक बिट्स पिलानी से जुड़ा है, जहां पीड़ित को 3 महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और उससे 10 लाख रुपये की ठगी की गई. स्कैमर्स ने पुलिस ऑफिसर बनकर 7.67 करोड़ रुपये ठग लिए थे.

गुजरात राज्य में एक और मामले में, पीड़ित को इसी तरह 3 महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और उससे 19.24 करोड़ रुपये की ठगी की गई. तीसरा मामला, कर्नाटक राज्य का है, जिसमें एक पीड़ित को एक महीने के लिए डिजिटल अरेस्ट किया गया और उससे 15.45 करोड़ रुपये की ठगी की गई.

डिजिटल अरेस्ट गैंग का खेल CBI की जांच में बेनकाब

इन सर्च में पहले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था — हरियाणा का आकाश, जिसने ठगी की रकम में से 1.95 करोड़ रुपये एक अकाउंट में लिए थे जिसे उसने खुद खोला था. कोलकाता का राजा करमाकर, जिसके फर्म के अकाउंट में ठगी की रकम का 1.5 करोड़ रुपये भेजा गया था; और ज्योति रानी, ​​जिसने जमा की गई रकम का कुछ हिस्सा कैश में निकाला और बाकी आगे ट्रांसफर कर दिया, जिससे ठगी की रकम को लॉन्ड्रिंग करने में उनकी सीधी और जानी-पहचानी भूमिका साबित होती है.

इस कामयाबी के आधार पर, CBI ने फ्रॉड के पैसे लेने, उन्हें लेयर में बांटने और उन्हें बांटने में शामिल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इटारसी के संकेत बस्तवार और पंकज दमाड़े ने धोखे से एक बैंक अकाउंट लिया, उसमें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का पैसा लिया, और पैसे को इधर-उधर करने में एक्टिवली हिस्सा लिया ताकि उसका पता न चले.

आरिफ उर्फ किंग भाई, हरीश पुरुषोत्तम यादव उर्फ हैरी (नई दिल्ली) और शशांक सिंह उर्फ रवि (गाजियाबाद, UP) सभी ‘डिजिटल अरेस्ट’ के विक्टिम से पैसे लेने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक अकाउंट का इंतजाम करने और इसे कई अकाउंट में आगे लेयर करने में शामिल थे.

CBI ने पकड़े पैसे की लेयरिंग करने वाले

आरिफ उर्फ किंग भाई, हरीश पुरुषोत्तम यादव उर्फ हैरी और शशांक सिंह उर्फरवि ने अकाउंट होल्डर के मोबाइल फोन पर एक खतरनाक apk फाइल भी इंस्टॉल की थी, जिसके जरिए उन्होंने बैंक के SMS अलर्ट को इंटरसेप्ट करके अकाउंट को चुपके से ऑपरेट किया. जांच से अब पता चल रहा है कि ये लोग किस बड़े ऑर्गनाइज़्ड नेटवर्क का हिस्सा थे और नेटवर्क ने पैसे का पूरा मूवमेंट कैसे किया.

इन गिरफ्तारियों के साथ, इन मामलों में पकड़े गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है. बड़े नेटवर्क में शामिल बाकी आरोपियों को ट्रैक करने और पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं. इन मामलों में आगे की जांच चल रही है.

सीबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि CBI सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, डिजिटल अरेस्ट अपराधों और संगठित साइबर क्राइम नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और इन अपराधों में शामिल हर व्यक्ति को न्याय के कटघरे में लाने के लिए पूरी तरह से दृढ़ है.

About The Author

Share
LATEST post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed