UP के हापुड़ में दलित युवक की मौत पर गरमाई सियासत… बसपा सुप्रीमो मायावती ने उठाए सवाल, सरकार से की ये मांग
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में थाना हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के बदनौली गांव में हुई गोलीबारी की घटना में घायल दलित युवक दीपक की इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद के बाद जमकर गोलीबारी हुई थी. इस बीच बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने सवाल उठाए हैं.
घटना को लेकर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हापुड़ नगर थाना क्षेत्र में दो समुदायों के बीच आपसी रंजिश और झड़प में घायल दलित समाज के लोगों में से एक व्यक्ति की मौत दुखद है. मायावती ने सरकार से आरोपियों को कानूनी सजा दिलाने के साथ पीड़ित परिवार की सहायता करने की मांग की. उन्होंने कहा कि आपसी रंजिश का खून-खराबे में बदल जाना निंदनीय और चिंताजनक है. उन्होंने ऐसी घटनाओं को सरकारी हस्तक्षेप के जरिए समय रहते रोकने की जरूरत बताई, ताकि विवाद संघर्ष का रूप न ले सके.
गांव में तनावपूर्ण स्थिति
वहीं, दीपक की मौत के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस ने बदनौली जाने वाले रास्तों पर बैरियर लगाकर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया है.
घटना के बाद विभिन्न संगठनों के लोगों के गांव पहुंचने की सूचना के बीच पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है. बताया जा रहा है कि गांव की ओर जा रहे बाइक सवार कुछ युवकों की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई. कुछ युवकों द्वारा पुलिस का बैरियर हटाकर गांव की ओर बढ़ने का प्रयास किए जाने की भी जानकारी सामने आई है. स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं.
पुलिस की जांच जारी
बदनौली गांव में हुई गोलीबारी के कारणों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है. हापुड़ के एएसपी विनीत भटनागर की ओर से भी मामले को लेकर जानकारी दी गई है. फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
हापुड़ के बदनौली गोलीकांड ने पुलिस की कार्रवाई पर सवालों के बीच रविवार को गंभीर मोड़ ले लिया. गोली लगने से घायल दलित युवक दीपक की मेरठ मेडिकल कालेज अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई. शुक्रवार को गांव में जाट और दलित समाज के लोगों के बीच हुए विवाद के दौरान गोलीबारी और पथराव हुआ था. गोली लगने से तीन लोग घायल हुए थे, जबकि पथराव में चार लोगों को चोट आई थी.
5 गिरफ्तार और 33 के खिलाफ केस दर्ज
दीपक की मौत की सूचना मिलते ही दलित समाज में आक्रोश फैल गया. घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान संदीप सिंह समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, दलित पक्ष की ओर से 33 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है.
दीपक की मौत के बाद पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही मामले में नामजद और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की चुनौती बढ़ गई है. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है. अधिकारियों की ओर से दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है.
घटना की जांच के लिए SIT गठित
उधर, गोलीकांड में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों की जांच के लिए एडीजी के निर्देश पर SIT गठित की गई है. टीम घटना से पहले और बाद में पुलिस की कार्रवाई की पड़ताल करेगी. यह भी देखा जाएगा कि विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए, मौके पर पहुंचने में कोई देरी हुई या नहीं और घटना के बाद घायलों को उपचार दिलाने में किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई.
3 दिन में शासन को सौंपनी है रिपोर्ट
SIT को तीन दिन में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है. दीपक की मौत के बाद अब एसआइटी की जांच और पुलिस की कार्रवाई दोनों पर निगाहें टिक गई हैं. वहीं, ग्रामीणों में घटना को लेकर अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है.
