उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी में संगठन और नेतृत्व को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है। बसपा प्रमुख मायावती ने हाल ही में अपने भतीजे आकाश आनंद और भतीजी दीपिका आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से दूर रखने का फैसला दोहराया है, जबकि उनके छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में आगे बढ़ाने की बात कही है।

मायावती ने जारी अपने बयान में कहा कि आकाश आनंद और दीपिका को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। वहीं ईशान आनंद को संगठन में एक सम्मानजनक भूमिका देने की बात कही है। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में पार्टी-विरोधी गतिविधि पाए जाने पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। बसपा प्रमुख ने पार्टी की आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए 23 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर की बैठक भी बुलाई है। माना जा रहा है कि बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी चुनाव की तैयारियों और पार्टी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।

सोमवार को मायावती ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘पीडीए रथ’ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में रथ के रंग और सपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। मायावती ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं का एक वर्ग अब सपा से दूरी बनाकर बसपा की ओर बढ़ रहा है।बसपा प्रमुख का ताजा रुख ऐसे समय आया है जब पार्टी उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपना संगठन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में बसपा ने सुल्तानपुर विधानसभा सीट से इम्तियाज अहमद भुट्टो को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी की मौजूदा गतिविधियों से स्पष्ट है कि बसपा में संगठनात्मक पुनर्संयोजन और चुनावी तैयारियों का दौर चल रहा है। 23 सितंबर की प्रस्तावित बैठक के बाद पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।
