बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पुलिस एनकाउंटर में मौत के करीब छह साल बाद उसका डेथ सर्टिफिकेट जारी हो सका। सरकारी दस्तावेजों में उसके पिता के नाम में हुई गलती के कारण यह मामला लंबे समय से अटका हुआ था।

विकास दुबे की 10 जुलाई 2020 को पुलिस एनकाउंटर में मौत हुई थी। बताया गया कि रिकॉर्ड में उसके पिता का नाम रामकुमार के स्थान पर राजकुमार दर्ज हो गया था। इसी त्रुटि के चलते डेथ सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पा रहा था। समस्या को लेकर विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद कानपुर नगर निगम ने 11 सितंबर 2026 को विकास दुबे पुत्र रामकुमार के नाम से डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया।

ऋचा दुबे का कहना है कि दस्तावेजों में हुई इस छोटी सी गलती के कारण परिवार को करीब छह वर्षों तक परेशानी उठानी पड़ी। डेथ सर्टिफिकेट नहीं होने से वरासत समेत कई सरकारी और कानूनी प्रक्रियाएं भी प्रभावित हुईं। इस तरह 10 जुलाई 2020 को हुई मौत का आधिकारिक मृत्यु प्रमाणपत्र करीब छह साल बाद जारी हो सका।
